वृक्ष केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। वृक्ष हैं तो जीवन है, पर्यावरण है और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। इसी विचार और भावना के साथ **“वृक्ष ही जीवन है”** अभियान की शुरुआत वर्ष **2018 में देवरिखुर्द** से हुई। इस पहल के मुख्य सूत्रधार **सरदार इंदरजीत जी शोएल जी** रहे हैं। उनका उद्देश्य प्रकृति की सेवा को जनसेवा से जोड़ना और अधिक से अधिक नीम के पौधे लगाकर उनकी देखभाल करना रहा है। उनका विश्वास है कि एक पौधा लगाना केवल पौधा लगाना नहीं, बल्कि एक जीवन को जन्म देना है। इसी सोच ने धीरे-धीरे एक छोटे से प्रयास को एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप दिया।
प्रारंभिक समय में यह अभियान कुछ जागरूक साथियों के साथ शुरू हुआ। इन साथियों की शुरुआत एक सामान्य **मॉर्निंग वॉक** से हुई। मॉर्निंग वॉक पर मिलने वाले साथियों के बीच पर्यावरण और समाज के प्रति चर्चा होने लगी। इन चर्चाओं ने एक सकारात्मक विचार को जन्म दिया कि अपने आसपास अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाएँ और विशेष रूप से **नीम के पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने** का संकल्प लिया जाए। इस संकल्प को कार्यरूप देने के लिए साथियों ने मिलकर एक समूह बनाया, जिसका नाम रखा गया—**“वृक्ष ही जीवन है”**।
शुरुआती दौर में लगभग **20 से 25 साथी** इस अभियान से जुड़े। इनमें **गोविंद राम पटेल जी, एल. एन. साहू जी, संतोष निषाद जी, सरकार दादा, लोकनाथ कश्यप जी** सहित अनेक साथियों ने सरदार इंदरजीत जी के साथ मिलकर इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाया। इन सभी साथियों का उद्देश्य किसी व्यक्तिगत लाभ से नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति की सेवा से जुड़ा था। समूह के प्रत्येक सदस्य ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना शुरू किया। साथियों ने आपस में मिलकर प्रत्येक माह कुछ राशि जमा करना प्रारंभ किया। इसी राशि से नीम के पौधे मंगवाए जाते हैं और सभी साथी मिलकर उनका पौधारोपण करते हैं।
लेकिन **“वृक्ष ही जीवन है”** की विशेषता केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल करना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्योंकि पौधा लगाना केवल शुरुआत है, उसकी रक्षा करना और उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है। समूह के साथी पौधों की नियमित देखभाल करने, उन्हें पानी देने और उनकी सुरक्षा करने का प्रयास करते हैं। धीरे-धीरे यह छोटा सा प्रयास लोगों के बीच पहचान बनाने लगा और आज यह एक सकारात्मक सामाजिक पहल के रूप में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
इस अभियान के माध्यम से अब तक लगभग **600 से अधिक नीम के पेड़** लगाए जा चुके हैं। यह संख्या केवल पौधों की संख्या नहीं है, बल्कि 600 से अधिक भविष्य की उम्मीदों का प्रतीक है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और हरियाली का संकल्प है। यह समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। **लालखदान से लेकर दयालबंद तक** दिखाई देने वाले अनेक नीम के पेड़ इसी समूह के प्रयासों का परिणाम हैं। सड़क के किनारे खड़े ये पेड़ आज इस अभियान की मेहनत, समर्पण और सेवा भावना की जीवंत पहचान हैं। इन वृक्षों की छाया में आज अनेक लोग राहत महसूस करते हैं और आने वाले वर्षों में ये वृक्ष पर्यावरण को और अधिक समृद्ध करेंगे।
एक पौधा लगाने वाला व्यक्ति शायद उसके पूर्ण वृक्ष बनने तक प्रतीक्षा न कर पाए, लेकिन उसके द्वारा लगाया गया वृक्ष आने वाली पीढ़ियों को जीवन, छाया और स्वच्छ हवा प्रदान करता है। यही सोच **“वृक्ष ही जीवन है”** अभियान की सबसे बड़ी प्रेरणा है। हमारा मानना है कि प्रकृति किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं है। प्रकृति हम सभी की साझा धरोहर है और इसकी रक्षा करना भी हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
आज पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, घटती हरियाली और बदलता पर्यावरण हम सभी के लिए चिंता का विषय है। ऐसे समय में वृक्षारोपण का महत्व और भी बढ़ जाता है। नीम हमारे देश की पारंपरिक प्राकृतिक संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और अपने पर्यावरणीय एवं औषधीय गुणों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसलिए **“वृक्ष ही जीवन है”** समूह ने नीम के अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया है।
हमारा प्रयास है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक हरियाली विकसित हो। हम चाहते हैं कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम न रहें, बल्कि हरियाली और स्वच्छ वातावरण की पहचान भी बनें। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति वृक्षों के महत्व को समझे, हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और लगाए गए पौधे की जिम्मेदारी लेकर उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखे। बच्चों और युवा पीढ़ी को भी प्रकृति से जोड़ना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है, क्योंकि आज लगाया गया पौधा ही कल उनके भविष्य की रक्षा करेगा।
**“वृक्ष ही जीवन है”** किसी एक व्यक्ति या परिवार का अभियान नहीं है। यह समाज के हर उस व्यक्ति का अभियान है जो प्रकृति से प्रेम करता है और अपने शहर एवं समाज को हरा-भरा देखना चाहता है। यह उन सभी लोगों का अभियान है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वच्छ वातावरण छोड़ना चाहते हैं। इस अभियान में किसी बड़े बजट या किसी विशेष संसाधन पर निर्भरता नहीं है। समूह के साथी अपनी सामर्थ्य के अनुसार स्वयं आर्थिक सहयोग करते हैं। प्रत्येक माह छोटी-छोटी राशि एकत्रित की जाती है और इन्हीं छोटे-छोटे सहयोगों से बड़े कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह अभियान हमें सिखाता है कि सामूहिक प्रयास से बड़े परिवर्तन संभव हैं। एक व्यक्ति द्वारा लगाया गया एक पौधा भले ही छोटा प्रयास हो, लेकिन जब हजारों हाथ एक साथ जुड़ते हैं तो वही प्रयास एक बड़े हरित आंदोलन का रूप ले सकता है। **“वृक्ष ही जीवन है”** इसी सामूहिक शक्ति और सेवा भावना में विश्वास रखता है।
हमारा प्रयास केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले कल के लिए है। हम चाहते हैं कि हमारे शहर की पहचान हरियाली से हो। हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ स्वच्छ हवा में साँस लें। हम चाहते हैं कि सड़कों के किनारे वृक्षों की छाया लोगों को मिले और प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे।
हमारा संदेश सरल है—**“एक पौधा लगाएँ, एक जीवन बचाएँ।”** हमारा संकल्प है—**“पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें।”** हमारा विश्वास है—**“आज का वृक्ष, कल का जीवन है।”**
वर्ष **2018 में देवरिखुर्द से शुरू हुई यह यात्रा आज भी निरंतर जारी है।** लगभग 600 से अधिक नीम के वृक्ष इस यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं, लेकिन हमारा लक्ष्य केवल 600 वृक्षों तक सीमित नहीं है। हम इस संख्या को लगातार बढ़ाना चाहते हैं और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना चाहते हैं। समाज के हर वर्ग की सहभागिता इस अभियान को और मजबूत बनाएगी।
हमारे लिए वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सेवा और जिम्मेदारी है। **“वृक्ष ही जीवन है”** का संदेश हर घर, हर व्यक्ति और हर पीढ़ी तक पहुँचे, यही हमारा प्रयास है। हम सभी नागरिकों से आग्रह करते हैं कि प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दें, एक पौधा लगाएँ और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करें।
आइए, हम मिलकर अपने समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। आइए, अपने आसपास हरियाली बढ़ाएँ। आइए, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण तैयार करें।
**क्योंकि सच यही है—
“वृक्ष हैं तो जीवन है,
और वृक्ष बचेंगे तो हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।”**
### 🌱 हमारा संकल्प
**“एक पौधा लगाएँ, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक हरा-भरा भविष्य दें।”**
## **वृक्ष ही जीवन है**
### **“समाज एवं देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी”**